Choreographer

Dharmesh Daiya

Dharmesh Daiya

सपने वो नहीं होते जो रात को नींद में देखे जाते हैं, सपने वह होते हैं जो रातों की नींद उड़ा देते हैं।  

25 साल के धर्मेश दहिया बीकानेर में डांस स्कूल चलाते हैं। सुनने में यह बात साधारण लगती है। इसके पीछे बहुत धर्मेश का जीवन संघर्ष साधारण नहीं था। आपको धर्मेश दहिया के बारे में बताते हैं। जिसने बहुत ही लंबी लड़ाई लड़ी है।

धर्मेश 5 वर्ष की उम्र तक बोल नहीं पाए थे हर चीज इशारों में समझाते थे। आमतौर पर इस उम्र के बालक स्कूल में पढ़ाई करते मिलते हैं। बचपन से ही इनकी आंखों की रोशनी कमजोर है इस वजह से इनकी पढ़ाई पूरी नहीं हो पाई। डॉक्टर ने साफ मना कर दिया था कि अगर वह आगे पढते हैं तो आंखों को लेकर भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। 12 साल की उम्र में धर्मेश में पढ़ाई छोड़ दी।

इतनी कम उम्र में पढ़ाई छोड़ने के बाद धर्मेश अपने पिताजी की दुकान संभालने लगा। थोड़ा वक्त दुकान में निकल जाता थोड़ा इधर-उधर मस्ती मजाक में निकल जाता। आने वाले समय में घर वालों की चिंता बढ़ती गई, क्योंकि धर्मेश की पूरी जिंदगी बाकी पड़ी थी। घर वालों ने धर्मेश को कभी इस तरह का दबाव नहीं डाला कि उसको पढाई करने चाहिए। धर्मेश की डांस में रुचि बढ़ी और तो घरवालों ने उसे डांस के लिए क्लासेस शुरू करवा दी। धर्मेश ने बीकानेर में ही डांस सीखना शुरू किया। वहां सीखने के बाद धर्मेश ने उसी क्लासेज में डांस सिखाना शुरू कर दिया। धर्मेश को अपना पूरा समय क्लासेस मे बिताना अच्छा लगता था।

फिर 2011 मे धर्मेश अपने कुछ मित्रों के साथ 3 महीने का कोर्स करने के लिए जयपुर चले गए। कोर्स पूरा करने के बाद वापस बीकानेर आ गये। बीकानेर में डांस सिखाना शुरू कर दिया।

करीब 2013 मे डांस इंडिया डांस के टेरेंस लेविस के बारे में फेसबुक पर पढ़ा। धर्मेश ने सपनों की दुनिया मुंबई जाने का निश्चय किया। वहां जाने के बाद में अपने परिवार की हालत टेरेंस सर को बताई। परिवार की हालत नाजुक होने के कारण धर्मेश की फीस में कटौती कर दी गई। धर्मेश ने मेहनत करके मुंबई डांस क्लास की फीस जमा करवाई।  फिर धर्मेश ने मुंबई का सफर शुरू किया। मुंबई एक महंगा शहर है और मुंबई का रहन सहन धर्मेश को काफी महंगा पड़ रहा था।

अपने भाई का सपना पूरा कराने के लिए धर्मेश के बड़े भैया ने रांची से मुंबई ट्रांसफर ले लिया और वही किसी प्राइवेट कंपनी में जॉब करना शुरू कर दिया। ताकि वह धर्मेश का ख्याल अच्छी तरह से रख सके। 2015 में डिप्लोमा पूरा होने के बाद में धर्मेश वापस अपने घर की तरफ निकल पड़े। धर्मेश ने बीकानेर में डी रॉकर्स नाम से एकेडमी की शुरुआत की।  2016 में एन डी टीवी के बड़े शो “सो यू थिंक यू केन डांस‌” में धर्मेश का टॉप फिफ्टी में सलेक्शन हुआ और गोल्डन टिकट मिली। मगर किसी कारणवश आगे नहीं बढ़ पाए।

धर्मेश का मानना है कि अगर लोगों को सिखाना है तो खुद पर मेहनत नहीं हो पाएगी। घर की स्थिति देखते हुए उसने लोगों को सिखाना जारी रखा। धर्मेश के पास दो रास्ते थे या तो पैसे कमाकर घर खर्च चलाओ  या अपने आप को आगे ले जाओ। पारिवारिक स्थिति देखते हुए धर्मेश ने अपने सपनों को चूर चूर होते देखा और लोगों को सिखाना शुरू कर दिया।

धर्मेश ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं था और डांस को लेकर अपना करियर चुना था। लोगों के ज़हन में इस कैरियर को लेकर काफी सवाल उठते हैं। धर्मेश उसको ऐसा लगने लगा कि उसकी शादी ही नहीं होगी।धर्मेश की मुलाकात फेसबुक पर एक लड़की से हुई और कुछ समय बाद इनकी दोस्ती प्यार में बदल गई और शादी हो गई। धर्मेश को केवल राजस्थान में ही नहीं राजस्थान से बाहर भी डांस इवेंट में जाने का और लोगों को अपने हुनर से रूबरू कराने का मौका भी मिलता है।

धर्मेश ने जब डांस की शुरुआत की तो लोगों से बहुत कुछ सुनने को मिला। धर्मेश का कहना है कि ‘’मुश्किलें हमेशा हारती है और संघर्ष करने वाले हमेशा जीतते हैं।’’

धर्मेश ने एक कोरियोग्राफर बनने का सपना देखा और उसे पूरा किया। हम धर्मेश की इस कामयाब जिंदगी के लिए उसे ढेर सारी शुभकामनाएं देते हैं।

हम साधारण लोगों का असाधरण जीवन संघर्ष हमारी वेबसाइट knownpedia पर पब्लिश करते है। mystory@knownpedia.com

A dream doesn’t become reality through magic, it takes sweat, determination and hard work.

25-year-old Dharmesh Daiya operates a dance academy in Bikaner. This sounds normal. But the life struggle of Dharmesh was not very simple.

Dharmesh could not speak till the age of 5 and used to explain everything in gestures. Ordinarily, the children of this age get studying in school. Since his infancy, his vision is weak because of which his studies have not been completed. The doctor had clearly denied that if he reads further, he may have to suffer heavy losses. At the age of 12, he left the study.

Concerns of parents increased in the coming times because Dharmesh has to struggle a lot in life. Parents didn’t put any pressure on Dharmesh that he should study. Dharmesh was interested in dance, and the Parents started classes for his dance. Dharmesh started learning dance in Bikaner. After learning there, Dharmesh started teaching in the same class. Dharmesh liked to spend his full time in class.

Then in 2011, Dharmesh moved to Jaipur to do a 3-month course with his friends. After concluding the course, came back to Bikaner. Started teaching dance in Bikaner. After 2013 he read about Terence Lewis on Facebook. Dharmesh decided to go to Mumbai. There he told his family condition to  Terence Sir. Due to the family’s condition being fragile, Dharmesh’s fees Deducted. Dharmesh worked diligently and deposited the fees for the Bombay Dance Class.

Then Dharmesh started the journey to Mumbai. Mumbai is an expensive city and the living of Mumbai was very expensive to Dharmesh. To complete the dream of Dharmesh, Dharmesh’s elder brother took the transfer from Mumbai to Ranchi and started working in a private company. So that he could keep Dharmesh’s Care well.

After completing the diploma in 2015, Dharmesh returned to his home. Dharmesh started the academy  D Rockers in Bikaner. In 2016, in a big show “So You Think You Can Dance”  Dharmesh was selected in Top Fifty and got a Golden Ticket. But couldn’t move forward for some reason.

Seeing his family status, Dharmesh saw his dreams shattered and started teaching people.

Dharmesh had not a good qualification. Dharmesh started to feel that he wouldn’t get married. Dharmesh met a girl on Facebook and after some time her friendship turned into love and got married. Dharmesh is arranging a lot of dance event.

We give good wishes for prosperous life of Dharmesh.

We publish the extraordinary life struggle of ordinary people on our website knownpediamystory@knownpedia.com

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