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Cancer cure in India.

Cancer cure in India.


भारत में कैंसर का इलाज संभव।

हेलो दोस्तों,
आ हम ऐसे व्यक्ति के बारे में बात करेंगे जिससे इस धरती पर भगवान के बराबर माना जाता है। कैंसर जो कि बहुत घातक बीमारी है। इसका इलाज बड़े से बड़े डॉक्टर भी नहीं कर पाते हैं मगर आयुर्वेदिक तकनीक से इस बीमारी का इलाज संभव है। ऐसा हिमाचल प्रदेश के रहने वाले डॉक्टर येशी धोडेन  ने साबित कर दिखाया है। उत्तरी भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य में धर्मशाला शहर के अंदर मैक्लोडगंज नामक जगह पर 92 साल के येशी धोडेन कैंसर के लिए दवाई बनाते हैं। जहां दुनिया भर से मरीज अपनी बीमारियों का इलाज करवाते हैं। भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के द्वारा येशी धोडेन पद्मश्री पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया गया। येशी धोडेन का जन्म तिब्बत में 15 मई 1927 में हुआ, इनका कहना है कि आयुर्वेदिक तकनीक दुनिया की सबसे पुरानी तकनीक है, जिसका 60% हिस्सा भारत के आयुर्वेद से लिया गया है और बाकि का अन्य देश जैसे चाइना, मंगोलिया, भूटान आदि से लिया गया है। दलाई लामा के द्वारा डॉक्टर येशी धोडेन को इस आयुर्वेदिक तकनीक को और गहराई से से शोध करने को कहा गया। येशी धोडेन का मुख्य अस्पताल हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला शहर में है। डॉक्टर येशी धोडेन का कहना है कि उनकी संस्था पूरे भारत में फैली है और भी कई देशों में इसकी स्थापना की जा रही है। जहां पर कैंसर का इलाज होता है। दूसरी कई तरह की बीमारियों के बारे में शोध चल रहे हैं। इन सभी संस्थाओं में सारा इलाज आयुर्वेदिक तरीके से किया जाएगा जिससे आम आदमियों को काफी फायदा होगा। यहां आए हुए मरीज को बहुत अच्छी तरह से इलाज किया जाता है।  येशी धोडेन के द्वारा मरीज के पेशाब की जांच की जाती है और नब्ज देखकर उनकी बिमारियों का पता लगा लिया जाता है। अगर आप भी आपके आपके रिश्तेदारों में से कोई भी व्यक्ति कैंसर जैसी बड़ी बिमारी से ग्रसित है, तो एक बार डॉक्टर येशी धोडेन से जरूर मुलाकात करें यहां पर हर तरह की बिमारियों का आयुर्वेदिक तरीके से शर्तिया इलाज किया जाता है।

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Cancer cure in India.

 

Hello friends,
today we will talk about a person who is considered equal to God on this earth. Cancer which is a very fatal disease. which can’t even be treated by large doctors, but treatment of this disease is possible with Ayurvedic techniques. Which is proved by Himachal Pradesh’s Yeshi Dhoden. In the Himachal Pradesh state of northern India, 92 yr old Yeshi Dhoden is making medicines for cancer.Yeshi Dhonden was born in 15 may 1927 in Tibet, Tibet. At the age of 20, he started making Ayurvedic medicines.
Doctor Yeshi Dhonden is a former personal physician of the Dalai Lama.
Padamshree award was given to Dr Yeshi dhoden, by President Ramnath Kovind.
Doctor Yeshi Dhoden mainly treats major diseases such as cancer and small diseases are also treated in Ayurvedic techniques. Dr yeshi dhoden says that ayurveda techniques is oldest techniques in the world, 60% of these came from India, while some of its scripts are from China, Mongolia and Bhutan. The Dalai Lama urged the doctor yeshi dhoden to preserve this Ayurvedic medicine system more deeply.
The main Ayurveda hospital of Doctor Yeshi dhoden Findheld is in Dharmashala city of Himachal Pradesh. yeshi dhoden says that along with Himachal Pradesh, many branches of this institute have been opened in India, And in other countries, their branches are gradually being established.
Doctor Yeshi treats many small diseases along with cancer in Ayurveda techniques.
Patients from all over the world come here for treatment and they are treated with trust. The patient’s urine and pulse are examined by the doctor. If you or any of your relatives are suffering from fatal diseases such as cancer, then once you should meet Dr Yeshi, the cancer treatment is done here well from ayurvedic techniques.

 

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