Struggler
Trending

Kishan joshi

Kishan joshi

struggler

हम अपने आसपास की सबसे सरल और छोटी चीजों से भी प्रेरणा पा सकते हैं, लेकिन हम पहचानने में विफल रहते हैं। असाधारण लोग अपने पूरे जीवन में एक वास्तविक संघर्ष के बाद इतिहास पर अपनी छाप छोड़ देते हैं। आज हम आपको ऐसे ही एक असाधारण व्यक्ति का जीवन संघर्ष बताने जा रहे हैं।
एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले किशन जी जोशी सन ऑफ गोपाल प्रसाद जी जोशी का जन्म मारवाड़ की धरती बीकानेर में हुआ। किशन जी का बचपन आम बच्चों के बचपन के जैसा नहीं था। पिताजी रोडवेज में कार्यरत थे। उस वक्त पारिवारिक आय कम होने के कारण उन्होंने कम उम्र में ही काम करने का फैसला किया। 15 साल की उम्र में मात्र 50 रुपए महीने में परचून की दुकान पर काम करना शुरू किया। 1974 से 1975 तक मात्र 100 रुपए महीने में एक मिठाई की दुकान पर काम करके अपना गुजारा करना पड़ा। जब उनके पास कुछ पैसे इकट्ठे हो गए तो बस अड्डे पर चाय का ठेला लगाया ताकि उनका गुजारा हो सके मगर उससे भी इनका काम नहीं बना तो, 1977 में वह कोलकाता चले गए और वहां पर एक कपड़े की दुकान में काम करना शुरू कर दिया। सड़कों पर कपड़े भी बेचे, जो कि उन्हें बिल्कुल भी गवारा नहीं था। शुरू में मात्र 150 रुपए प्रति माह में अप्सरा मेडिकल शॉप काम किया। उसी समय के प्रख्यात डॉ श्याम नाथ जी मिश्र (प्रोफेसर मेडिसिन) डॉ के कृष्णा कुमार (प्रोफेसर मेडिसिन) जिन्होंने किशन जी को अपने बेटे के समान रखा 21 जनवरी 1990 को डॉ के कृष्णा कुमार जी का असामयिक निधन हो गया आज भी इनके परिवार से अच्छे सम्बद्ध है
अप्सरा मेडिकल शॉप में कुछ साल काम करने के बाद में 1984 में उन्होंने निर्णय लिया कि वह अपना खुद का व्यापार शुरू करेंगे। इसके लिए उन्हें बहुत मेहनत करनी पड़ी,  उन्होंने बैंक से 25000 रुपए का लोन लेकर 4 मई 1984 को अपनी दुकान अन्नपूर्णा एजेंसी शुरू की।  डॉ हनुमान सिंह कस्वां, डॉ जे एन व्यास और डॉ के के वर्मा आप सभी के सहयोग से 1986 में टेबलेट एकट्रील की शुरुआत की जो आज बीकानेर जिले में OTC ब्रांड बना हुआ है। बीकानेर में आप किशन एकट्रील नाम से मशहूर है। 1990 अन्नपूर्णा मेडिकोज गंगाशहर में शुरू की व्यापार के साथ केमिस्ट राजनीति में भी सक्रिया भूमिका निभाते हुए कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। 1995 में  अखिल भारतीय दवा विक्रेता संघ का कार्य कारिणी सदस्य बने तब से लगातार कार्य कारिणी सदस्य है।
1996 में जिला सह सचिव का चुनाव जीता 1999 में जिला उपाध्यक्ष बने। 2009 में बीकानेर डिवीजन केमिस्ट अस्सोसीएसन सचिव निर्वाचित हुए। वर्तमान में किशन जी राजस्थान  केमिस्ट एसोसिएशन के लाइफ मेंबर भी है। उनके कदम धीरे-धीरे तरक्की की तरफ बढ़ रहे थे। भाइयों के लिए भी कई मेडिकल स्टोर की शुरुआत की जिसमें 1999 में श्री अन्नपूर्णा स्टोर, 2006 में दुर्गेश मेडिकल, 2008 में पवन एजेंसी और 2011 में मां अन्नपूर्णा मेडिकल खोले।  वर्तमान में 15 मल्टीनेशनल के साथ साथ एसजी बायोटेक,  एलीश फार्मा की डिसटीब्यूटर्स का भी काम करते है। केमिस्ट राजनीति में इनकी बीकानेर जिले में सक्रिय भूमिका है। बीकानेर जिला एसोसिएशन में कई महत्व पूर्ण पदों पर चुनाव भी लड़ा ओर केमिस्ट हित में काम किया। फ़ार्मासिस्ट बनने का सपना देखा और उसको पूरा कर दिखाया।
डॉ धनपत कोचर, डॉ के कृष्णा कुमार,  डॉ आर पी गुप्ता, डॉ एच् के गांधी, डॉ आर पी कोठारी, डॉ संजय कोचर, डॉ गुंजन सोनी, के के वर्मा, डॉ बी डी शर्मा, डॉ आर पी अग्रवाल, श्री आर बी पूरी (पूर्व अध्यक्ष ) (अखिल भारतीय दवा विक्रेता संघ) ओर राजस्थान केमिस्ट अस्सोसीएसन आप सभी मैं मुझे मेहनत करना और छोटे मुद्दों पर समझौता किए बिना अपने सपनों के लिए काम करना सिखाया मुझे मिली सफलता के लिए मैं आपका बहुत आभारी हूं।
पिताजी श्री गोपाल प्रसाद जी जोशी माता जी स्वर्गीय श्री सुमित्रा देवी के आशीर्वाद के बगैर मैं यह मुकाम हासिल नहीं कर पाता। आपका आशीर्वाद मेरे साथ हर पल बना रहे। आपकी कहीं एक बात मुझे हमेशा याद रहेगी निष्ठा, मेहनत और ईमानदारी का कोई शॉर्टकट नहीं होता। नरेश जोशी, पांची लाल जोशी, शिव प्रकाश जोशी तीनो भाइयो का भरपूर सहयोग मिलासमाज में अन्नपूर्णा परिवार का मान और सम्मान हमारे परिवार की एकता का प्रतीक है।

दोस्तों यदि आपके पास किसी व्यक्ति का जीवन संघर्ष या प्रेरणादायक कहानी या कोई अच्छी जानकारी है जो किसी दूसरे व्यक्ति के काम आ सकती है तो हमारे साथ जरूर शेयर करें। अपनी फोटो और जानकारी हमें mystory@knownpedia.com पर भेजे। हम उस जानकारी को हमारी वेबसाइट knownpedia पर पब्लिश करेंगे

Friends, if you have a life conflict or an inspirational story or some good information that can be useful to another person, then definitely share it with us. Please send your photos and information on this web address mystory@knownpedia.com 

We will publish on knownpedia .

Like
Like Love Haha Wow Sad Angry
2
Tags

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close