Social Worker
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Harsh Chhikara Social Worker.

Harsh Chhikara Social Worker.

ऐसा जरूरी नहीं कि समाज और देश की सेवा सरहद  पर बंदूक  लेकर और राजनैतिक दलों में शामिल होके की जाएं। अगर इंसान में अपने देश और समाज के लिए कुछ अच्छा करने की भावना है तो व्यक्ति अपने लक्ष्य की प्राप्ति कर लेता है।

सोनीपत हरियाणा के हर्ष छिकारा भले ही एक नाम से जाना होता हो, मगर हर्ष अपने आप में एक बड़ी फोज के साथ चलते है। हर्ष किसी दल के लीडर नहीं है ना ही इन्होंने अपनी कोई राजनैतिक पार्टी बनाई है। 2005 में हरियाणा के लिए क्रिकेट खेला, उसके बाद पहलवानी का शौक लगा तो 2014 तक पहलवानी की। खेल में दिलचस्पी लेने के साथ हर्ष हरियाणवी कलाकार भी है।

हर्ष देश समाज की सेवा पिछले कई सालों से उम्दा तरीके से के रहे है। सरदार भगत सिंह के उसूलों पे चलने वाले हर्ष सोशल वर्ल्ड की दुनिया में समाज देश प्रेम के लिए मशहूर है। हर्ष समाज से जातिवाद खत्म करना चाहते है। उनका मानना है कि जातिवाद देश की बड़ी समस्याओं में से एक है। जिसको जल्दी ही नष्ट किया जाएगा। एक समाजसेवी होने के साथ हर्ष एक आंदोलनकारी भी है। हर्ष समय समय पर महानगरों में जानता को एकजुट कर आन्दोलन करते है।

कभी कभी ऐसा होता है, देश मे असामाजिक तत्व अधिक हो जाते है तो उन पर लगाम कसी जाती है। जब आम जनता परेशान होती है और उनकी परेशानियों का प्रशासन के पास कोई समाधान नही होता है। प्रशासन जनता से मुँह मोड़ लेती है। तब जनता के द्वारा क्रोध प्रदर्शित करने के लिए धरना प्रदर्शन और आंदोलन जैसे कड़े कदम उठाने पड़ते है।

हर्ष छिकारा ने कई प्रकार के आंदोलनों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया है।जिनमे से कुछ निम्न है।

  • पुलवामा हमले को लेकर जंतर मंतर दिल्ली में केंडल मार्च।

  • धारा 375 को लेकर जंतर मंतर दिल्ली में आंदोलन।

  • सातवें वेतन में बदलाव को लेकर जंतर मंतर दिल्ली मे आंदोलन।

  • किसान आंदोलन।

  • गंगा सफाई आंदोलन के दौरान करीब 3500 लोगो ने खून से सरकार को पत्र लिखे।

  • बलात्कार पीड़ितो उनके परिजनों के साथ कई बार कैंडल मार्च आंदोलन किया। 

  • नजदीकी गांव में जब लड़कियों की पढ़ाई का मुद्दा सामने आया तो दो ही दिनों में स्कूल को 12 वीं कक्षा तक करवा दिया ताकि लड़कियों को परेशानी का सामना ना करना पड़े।

हर्ष छिकारा ने उन परिवारों की मदद की जिनको प्रशासन  ने भी नकार दिया, वो थे बलात्कार पीड़ित लड़कियाँ उनके परिवार, शहीदों के परिवार, कैंसर पीड़ित मरीज़ आदि लोग। हर्ष को सरकार से किसी तरह की कोई मदद नहीं है और ना ही किसी राजनीतिक दल के द्वारा उनको भेंट की जाती है। हर्ष अपने फेसबुक पेज पर लाइव आकर लोगो आर्थिक मदद की अपील करते है।  हर्ष की अच्छाई की मुहिम को जनता का बहुत बड़ा समर्थन है। हर्ष अपनी सबसे बड़ी ताकत आम जनता को मानते है। उन सभी लोगों को धन्यवाद देते है। जब जब जरुरत पड़ी लोगो का भरपूर समर्थन मिला।

सोशल वर्ल्ड में हर्ष छिकारा एक चर्चित चेहरा है।  हर्ष छिकारा के Facebook पर छः लाख से फ़ॉलोअर्स है। 

राजस्थान चुनाव में भी हर्ष का विशेष योगदान था। हरयाणवी कलाकार ओर पहलवान से लेकर एक मीडिया स्टार बनने का सफर काफी प्रभावशाली ओर रोमांच भरा था।

 

For the service of society and country doesn’t need to be done by joining politics and the army.

Harsh Chhikara from Sonipat, Haryana walks with a great unity in himself. He hasn’t established a political party of his own. He played cricket for Haryana in 2005, did Desi wrestling (Pahlawani) till 2014. Harsh also known as a  Haryanvi artist.

Harsh has been serving the country and society in a good way for the last several years. In the social world, harsh is famous for social work and following the principles of Sardar Bhagat Singh.

Harsh wants to end casteism from society. He believes that casteism is one of the major problems of the country. Which will be destroyed soon. Apart from being a philanthropist, Harsh is also an agitator. From time to time, Harsha makes movements in the metropolis by uniting the people.

When the public is in trouble and the administration has no solution for their problems. then the public creat barrier for administration.

Harsh Chikara has participated in many types of movements. Some of which are as follows.

  • Candle march in Jantar Mantar, Delhi regarding Pulwama attack.

  • The movement in Jantar Mantar, Delhi regarding Section 375.

  • The Movement in Jantar Mantar, Delhi for change in 7th Pay Commission.

  • Peasant Movement.

  • During the Ganga cleaning movement, around 3500 people wrote letters to the government with blood.

  • Many candle marches and agitations were done with rape victims and their families.

  • When the issue of girls’ education came up in the nearby village, within two days, the school was made up to class 12 so that the girls would not face any discomfort.

Harsh Chikara helped the rape victims, families of martyrs and many patients families whom the administration also rejected, Harsh, do not depend on the government and any political parties. Harsh does appeal for financial help on his Facebook page for victims. The public has great support for Harsh’s campaign of goodness. Harsh considers his greatest vitality to the public.

Harsh Chikara has over six lakh followers on Facebook and popular face in the social world. The journey from a Haryanvi artist and wrestler to a media star was quite remarkable and breathtaking.

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