Poems & Thoughts

Hanuman Sarda (Jerry)

Hanuman Sarda (Jerry)

हनुमान सारडा के द्वारा लिखी हुई बड़ी ही खूबसूरत कविता बेटी।

आज फिर एक परिवार ने मुझे नाली के दर छोड़ दिया,

शायद मां की गोद में खेली भी नहीं मैं,
शायद मां की गोद में खेली भी नहीं मैं…
ना जाने क्यों इस नन्ही सी जान को मुश्किलों की ओर मोड़ दिया।

कहते हैं अगर लड़की लक्ष्मी है तो लड़का कुबेर कहलायेगा,
कहते हैं अगर लड़की लक्ष्मी है तो लड़का कुबेर कहलायेगा,
जब लक्ष्मी की कोख ही ना हो तो कुबेर कहां से आएगा।।

ना जाने क्यों मां को बार-बार यह अत्याचार देते हो,
ना जाने क्यों मां को बार-बार यह अत्याचार देते हो…
जो पता ना चला लिंग का, जो पता ना चला लिंग का…
तो जी पाती हूं मैं,
वरना तुम हमें कोख में ही मार देते हो।

हां पता है मुझे मैं दर्द उनका कम तो नहीं कर सकता पर दर्द बाँट तो सकता हूं।
अफसोस है खामोश रहने के अलावा कुछ किया नहीं जाता हम से।।
तो में चाहूंगा की आप ये कविता पढ़ें और समझे उन मासूमो का दर्द क्या है?

हनुमान सारडा (जेरी)

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